रेलवे के निजीकरण को लेकर बड़ी खबर – प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर पहले दिन मिली 7200 करोड़ की बोली

Railway Privatisation: IRCTC और मेगा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) ने 30 जोड़ी प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर बोली लगाई है . यह बोली 7200 करोड़ की है और ट्रेनों का संचालन तीन क्लस्टर में किया जाएगा.

Railway Privatisation को लेकर आई बड़ी खबर, प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर पहले दिन मिली 7200 करोड़ की बोली

नई दिल्ली- केंद्र सरकार प्राइवेटाइजेशन की दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है. निजीकरण के इस दौर में इंडियन रेलवे भी शामिल है. इंडियन रेलवे ने 23 जुलाई को प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर बोली ( Request for proposal (RFP) का आमंत्रण किया . रेलवे को तीन क्लस्टर- मुंबई-2, दिल्ली-1 और दिल्ली-2 के लिए 7200 करोड़ की बोली मिली है.

जी बिजनेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और मेगा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) ने प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जमा किया है. इन तीन क्लस्टर के लिए इंडियन रेलवे 30 जोड़ी प्राइवेट ट्रेन चलाने की अनुमति देगा. सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए 7200 करोड़ का निवेश किया जाएगा. प्राइवेट ट्रेनों के लिए रेलवे ने 12 क्लस्टर तैयार किया है, जिनपर 151 प्राइवेट ट्रेनें चलाई जाएंगी.

देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस है जिसकी शुरुआत 2019 में की गई थी. पहली प्राइवेट ट्रेन नई दिल्ली और लखनऊ के बीच सेवा देती है और इसका संचालन रेलवे की सब्सिडियरी IRCTC की तरफ से किया जा रहा है. सरकार ने प्राइवेट ट्रेन ऑपरेशन प्रोजेक्ट का लक्ष्य 30 हजार करोड़ रखा है. सरकार की कोशिश है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल (PPP Model) के तहत इंडियन रेलवे को मॉडर्न और बेहतर किया जाए.

दिल्ली और मुंबई के लिए प्राइवेट प्लेयर्स की ज्यादा दिलचस्पी

प्राइवेट प्लेयर्स का चयन दो चरणों में होगा. एक चरण RFQ रिक्वेस्ट फॉर क्वॉलिफिकेशन का होगा जबकि दूसरा चरण RFP यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल का होगा. इन्हीं दो चरण की मदद से प्राइवेट ट्रेन प्रोजेक्ट का लक्ष्य पूरा किया जाएगा. ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर बोलीकर्ताओं ने दिल्ली और मुंबई क्लस्टर के लिए ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है.

2023 में तक12 प्राइवेट ट्रेन चलाने का लक्ष्य

इंडियन रेलवे की प्राइवेट ट्रेन योजना के मुताबिक 2023 में इसकी शुरुआत हो जाएगी. मार्च 2023 तक 12 जोड़ी प्राइवेट ट्रेनों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. 2027 तक इसकी संख्या बढ़ाकर 151 की जाएगी. रेलवे अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार पर जोर दे रहा है. रेलवे के कायाकल्प के लिए 2030 तक 50 लाख करोड़ के फंड की जरूरत है. इतना ज्यादा फंड इकट्ठा करने के लिए रेलवे ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को अपनाया है. रेलवे और सरकार को उम्मीद है कि प्राइवेट प्लेयर की एंट्री से डेवलपमेंट का कामकाज ज्यादा तेज होगा. इसके अलावा सर्विस क्वॉलिटी भी बेहतर होगी.

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