नाशिक से तिरुपति मात्र 12 घंटे में पहुंचना होगा संभव

मुंबई- नाशिक में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभमेले के मद्देनज़र शहर की आंतरिक और बाहरी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य नाशिक शहर में आने-जाने वाले यात्रियों को यातायात जाम से राहत दिलाना है।इस रिंग रोड से नाशिक शहर से गुजरने वाले सभी प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य महामार्ग जोड़े जाएंगे। विशेष रूप से नाशिक-सोलापुर-अक्कलकोट महामार्ग को भी इस रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। यह रिंग रोड नाशिक और आसपास के सभी महामार्गों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण दुवा साबित होगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले कहा था कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद नाशिक से तिरुपति मात्र 12 घंटे में पहुंचना संभव होगा। वर्ष 2027 में नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में कुंभमेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें 5 से 7 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में यह रिंग रोड अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।वर्तमान में नाशिक धार्मिक, औद्योगिक और पर्यटन केंद्र होने के कारण भारी यातायात दबाव का सामना कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए 77.40 किलोमीटर लंबा चार लेन का रिंग रोड प्रस्तावित किया गया है।

इस रिंग रोड के माध्यम से वर्धवान-नाशिक द्रुतगति महामार्ग और नाशिक-चेन्नई महामार्ग को जोड़ा जाएगा। परियोजना में एक सुरंग (टनल), दो बड़े पुल और 25 छोटे पुलों का निर्माण शामिल है। यह रिंग रोड पूरे नाशिक शहर की परिक्रमा करेगा। जरिए राष्ट्रीय महामार्ग, समृद्धि महामार्ग, नाशिक-सोलापुर-अक्कलकोट एक्सप्रेसवे और नाशिक-चेन्नई मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे कुंभमेले के दौरान और उसके बाद भी यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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