दस लाख रुपए तक के सिविल वर्क के लिए टेंडर की जरूरत नहीं, राज्य सरकार का यह फैसला भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला

नागपुर/अकोला- महाराष्ट्र सरकार के नए निर्णय के मुताबिक 10 लाख रुपए तक के काम के लिए टेंडर निकालने की जरूरत नहीं महाराष्ट्र सरकार के नए निर्णय के अनुसार अब 10 लाख रुपए तक के नागरिक सुविधा से जुड़े कामों (Civic Works) के लिए टेंडर निकालने की जरूरत नहीं होगी. 2016 में राज्य सरकार की ओर से गाइडलाइंस जारी की गई थी जिसके तहत 3 लाख रुपए तक के काम के लिए टेंडर निकालने की जरूरत खत्म कर दी गई थी. तब यह तर्क दिया गया था कि टेंडर प्रोसेसिंग में समय लगता है, इससे काम अटकता है. कई ऐसे काम होते हैं जिन्हें जनता की परेशानियों का ध्यान रखते हुए तुरंत पूरा करना होता है. हर साल बारिश में होने वाले सड़कों के गड्ढों को भरना और उनकी मरम्मत, फुटपाथ का मेंटेनेंस, ड्रेनेज लाइनों की दुरुस्ती जैसे जरूरी काम टेंडर पास होेने तक रोके नहीं जा सकते. इस वजह से राज्य सरकार ने बिना टेंडर काम करवाए जा सकने वाली लिमिट को 3 लाख से बढ़ा कर 10 लाख रुपए कर दिया है.

इस नए निर्णय के अनुसार अब उद्योग, एनर्जी, लेबर और सामान्य प्रशासनिक विभाग 10 लाख रुपए तक के काम बिना टेंडर निकाले करवा सकते हैं. यह निर्णय पिछले महीने ही लिया गया है. लेकिन इस निर्णय से जुड़े निर्देश महापालिकाओं को अब मिल रहे हैं. गाइडलाइंस में यह साफ लिखा गया है कि यह निर्णय राज्य के सभी नगर निकायों में लागू होगा.

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