
राज्य में कुल 32 जिला परिषदें और 336 पंचायत समितियां हैं। इनमें से 17 जिला परिषदों और 88 पंचायत समितियों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण की सीमा पार हो चुकी है। इसलिए केवल आरक्षण की सीमा के भीतर आने वाली स्थानीय स्वशासी संस्थाओं में ही चुनाव कराए जाएंगे। इसकी तैयारी राज्य चुनाव आयोग द्वारा की जा रही है।जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव महानगरपालिका चुनावों के बाद ही कराए जाएंगे। फिलहाल 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव चल रहे हैं, जिनमें 29 जिलों का पूरा प्रशासनिक तंत्र व्यस्त है। कुछ महानगरपालिकाओं में तनाव की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के चुनाव 31 जनवरी 2026 तक कराने के आदेश दिए थे। हालांकि, आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण जिला परिषद चुनाव प्रभावित हुए हैं। इसी वजह से जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा में देरी हुई। अब इन चुनावों की घोषणा जल्द होने की संभावना है और 7 फरवरी को मतदान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।



