कोरोना के कारण माता या पिता से वंचित बालकों की पड़ताल पूर्ण जिले में 34 बेटियां, 39 बेटों ने खो दिए अपने पालक

बाल संगोपन योजना का मिलेगा लाभ

अकोला – कोरोना संक्रमण के दौरान जिले में शहरी व ग्रामीण इलाकों में अब तक 1072 मौतें दर्ज की गई है। ऐसे दौर में अपनी माता या पिता को खोने वाले बालकों की खोज जिला महिला व बाल विकास विभाग के बाल सुरक्षा कक्ष की ओर से की गई। नतीजे में 34 लड़कियां व 39 लड़के ऐसे खोजे गए जिनकी माता या पिता कोरोना के कारण मौत के मुंह में समा गए हैं। कुल 73 ऐसे बालक है जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है। इन बालकों के घर जाकर इनकी आर्थिक स्थिति तथा अन्य पारिवारिक जानकारी कक्ष ने सर्वेक्षण कर हासिल किया तथा इसका ब्योरा जिला महिला व बाल विकास अधिकारी को 31 मई को सोपा है।

बाल संगोपन योजना का मिलेगा लाभ
कोरोना के कारण अपने पिता या मां की छत्रछाया से वंचित इन 73 बालकों को अब बाल संगोपन योजना का लाभ दिया जाएगा जिसमें प्रति महीना 1100 रुपए की राशि इन बालकों के लिए दी जाएगी। अभिभावक अगर चाहेंगे तो बालकों को बाल गृह में रखा जाएगा जहां इनकी शिक्षा, रहना तथा भोजन आदि की व्यवस्था सरकारी योजना के तहत होगी। दोनो विकल्प अभिभावकों के पास होंगे थे इनमें से कोई भी चयन कर सकते हैं। कोरोना महामारी के कारण जिले में हुई मौतों में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा हैं पड़ताल में पाए गए इन बालकों के परिवार की जानकारी बाल सुरक्षा कक्ष की ओर से ली गई। जिसमें इनकी आर्थिक स्थिति की जानकारी लेकर बालकों के संगोपन की क्या व्यवस्था होगी अभिभावक इस संदर्भ में क्या सोचते हैं। इन सभी विषयों पर जानकारी लेकर अब इन बालकों के लिए उचित नियोजन किया जाएगा। जिसमें प्रति महीना 1100 की मदद या बाल गृह में रखने का विकल्प होगा।

विभाग करेगा नियोजन

कोरोना के कारण जिले में अब तक 73 ऐसे बालक है जिन्होंने अपने पिता या माँ को खो दिया है। ऐसे बालकों की पारवारिक जांच कर दी गई । 21 मई तक 73 बच्चे पाए गए हैं। जिन्हें बाल संगोपन योजना में प्रति माह एक निश्चित राशि की मदद या बाल गृह में उनकी पूरी व्यवस्था यह को विकल्प है। और भी योजना है जो आगे आएंगी। नियमानुसर बलकों के लिए नियोजन किया जाएगा।
विलास मरसाले, जिला महिला बाल विकास अधिकारी

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