अकोला- जिले में कोरोना संक्रमण का कहर अब भी जारी है। इसे देखते हुए महाराष्ट्र शासन ने इसके संदर्भ में निर्देश व नियमों का पालन करने की कड़ी हिदायत दी है। नए शैक्षिक सत्र में शालाओं को शैक्षिक वर्ष 2021 22 के लिए महाराष्ट्र शैक्षिक संस्थ शुल्क नियंत्रण अधिनियम 2011 के तहत अभिभावक व शिक्षकों को विश्वास में लेकर शुल्क निर्धारित करने की बात कही गई है। शैक्षिक शुल्क के अलावा अन्य शुल्क अर्थात क्रीडांगण फीस, वाचनालय फीस, नाश्ते के पैसे, बस फीस जैसी फीस की वसूली न की जाए क्योंकि फिलहाल की स्थिति में यह सुविधाएं छात्रों को नहीं दी जा रही है।

छात्रों के प्रवेश के संदर्भ में अभिभावक व छात्रों की लिखित या मौखिक परीक्षा न ली जाए, प्रवेश देते समय शालाएं किसी भी प्रकार के डोनेशन न मांगे, संपूर्ण प्रवेश फीस न लें, शैक्षिक शुल्क के लिए सहूलियत दें, शालाएं किताबें, साक्स, शूज, बैग आदि शैक्षिक साहित्य या गणशेव की बिक्री न करें साथ ही किसी विशेष दुकान से साहित्य खरीदी की सख्ती न करें, गणवेश भी न बदलें, जिसने शैक्षिक शुल्क भरा नहीं है उनकी आनलाइन पढ़ाई बंद न करें, शैक्षिक शुल्क वसूली, साहित्य, गणवेश आदि कारणों के चलते अभिभावक या छात्रों पर मानसिक दबाव न बनाए। शाला प्रशासन कोरोना को देखते हुए छात्रों के हीत में निर्णय लें, आनलाइन शिक्षा बंद न करें, ऐसी हिदायत भी प्राथमिक शिक्षाधिकारी कार्यालय की ओर से जिले की सभी शालाओं को दी गई है।

अन्यथा भेजेंगे शाला की मान्यता रद्द का प्रस्ताव 

कोरोना को देखते हुए शाला प्रशासन छात्रों के हीत में निर्णय लें, आनलाइन शिक्षा बंद न करें यदि अभिभावकों की शिकायत प्राप्त होती है तो हम शाला की मान्यता रद्द करने तथा संलग्णता का प्रमाणपत्र रद्द करने का प्रस्ताव शासन को भेजेंगे ऐसी हिदायत शालाओं को शिक्षा विभाग की ओर से दी गई है । For the new academic session the education department has issued a new guide line

 

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