
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि उंगली की स्याही पोंछकर कोई भी मतदाता दोबारा मतदान नहीं कर सकता। मतदान के बाद मतदाता की प्रविष्टि पहले ही रिकॉर्ड में दर्ज कर ली जाती है। इसलिए केवल स्याही मिटाने से पुनः मतदान करना संभव नहीं है। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दोबारा दिए गए हैं।मतदाता की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन के उपयोग को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 नवंबर 2011 और 28 नवंबर 2011 को आदेश जारी किए थे। तब से स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन का उपयोग किया जा रहा है।
आदेश के अनुसार, मतदाता की उंगली पर इस तरह स्याही लगाई जाती है कि वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। नाखून और नाखून के ऊपर की त्वचा पर तीन से चार बार रगड़कर स्याही लगाई जाती है। इन निर्देशों का उल्लेख स्वयं मार्कर पेन पर भी किया गया है।राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे स्याही पोंछने जैसे किसी भी गैरकानूनी कृत्य का प्रयास न करें और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने में सहयोग करें।



