ऐसे होगा CBSE एग्जाम: 10वीं-12वीं का 50-50% सिलेबस 2 टर्म में कवर होगा..

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नई दिल्ली- कोरोना महामारी के दौर में इस साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने पर मजबूर हुए CBSE ने अब अगले शैक्षणिक सत्र यानी 2021-22 के लिए पहले ही तैयारी कर ली है। CBSE ने सोमवार को 2021-22 में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के लिए स्पेशल असेसमेंट स्कीम की घोषणा की।

इसके अंतरगत 10वीं और 12वीं में 100% सिलेबस पर आधारित पारंपरिक बोर्ड परीक्षा के बजाय साल में दो परीक्षाएं टर्म-1 और टर्म-2 के नाम से ली जाएंगी। हर परीक्षा में 50% सिलेबस से ही सवाल पूछे जाएंगे, यानी 50% सिलेबस टर्म-1 में और बचा हुआ 50% टर्म-2 में पूछा जाएगा। यह जरूर है कि दोनों ही टर्म परीक्षाओं के पेपर बोर्ड ही बनाएगा।

टर्म-1 का पेपर मल्टिपल चॉइस आधारित होगा, जो OMR शीट पर होगा। यही नहीं, ऑनलाइन पढ़ाई के हिसाब से सिलेबस को भी ज्यादा युक्तिसंगत बनाया जाएगा और स्कूलों के इंटरनल असेसमेंट को भी ज्यादा विश्वास योग्य बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

कोरोना की वजह से बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए CBSE ने असेसमेंट के चार परिदृश्य भी तय किए हैं। परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल रहीं तो टर्म परीक्षाएं बाहरी पर्यवेक्षक की मौजूदगी में या बाह्य केंद्र पर हो सकती हैं। वहीं सबसे बुरी परिस्थिति में अगर अगले पूरे सत्र में स्कूल बंद ही रहे तो दोनों टर्म पेपर छात्र घर से ही देंगे।

टर्म-1 की परीक्षा नवंबर-दिसंबर 21 में होगी

टर्म-1 की परीक्षा नवंबर-दिसंबर 2021 में कराई जाएगी। इसमें 90 मिनट की अवधि के पेपर MCQ (मल्टिपल चॉइस क्वेश्चन) आधारित होंगे। जवाब OMR शीट पर भरने होंगे। बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम घोषित करेगा, साथ ही पेपर और मार्किंग की स्कीम भी भेजेगा। परीक्षाएं बाहरी परीक्षा निरीक्षक व पर्यवेक्षक की मौजूदगी में आयोजित कराई जाएंगी। जिस दिन पेपर होगा, उसी दिन उसके अंक CBSE की वेबसाइट पर अपलोड होंगे। टर्म-1 के अंक अंतिम नतीजों में जुड़ेंगे।

टर्म-2 की परीक्षा मार्च-अप्रैल 2022 में होगी
टर्म-2 की परीक्षा अगले साल मार्च-अप्रैल में CBSE बोर्ड की ओर से निर्धारित बाहरी परीक्षा केंद्रों पर कराई जाएगी। दो घंटे की इस परीक्षा में पारंपरिक तरीके के विस्तृत और लघु उत्तरीय सवाल पूछे जाएंगे। यदि कोरोना महामारी के जारी रहने की स्थितियों में पारंपरिक तरीके से परीक्षाएं लिया जाना संभव नहीं हो पाता है तो मिड टर्म की तरह ही 90 मिनट की परीक्षा आयाेजित कराई जाएगी और उसमें MCQ टाइप सवाल ही पूछे जाएंगे, जवाब OMR शीट पर भरने होंगे।

कोरोना की हर स्थिति के लिए बोर्ड तैयार
अगले पूरे सत्र के दौरान कोरोना महामारी की स्थिति कैसी होगी यह पूरी तरह अनिश्चित है। इस अनिश्चितता को देखते हुए CBSE ने भी पूरी तैयारी की है। 4 तरह की परिस्थितियों के लिए रिजल्ट का फॉर्मूला अलग-अलग बनाया गया है।

1. यदि दोनों टर्म परीक्षाओं के लिए स्कूल खुल पाएं
यदि कोरोना महामारी की स्थितियों में सुधार आया तो टर्म-1 और टर्म-2 दोनों ही परीक्षाएं स्कूल या परीक्षा केंद्र पर आयोजित होगी।
(अंतिम नतीजों में दोनों टर्म के अंकों का बराबर-बराबर (50:50) योगदान माना जाएगा)

2. यदि टर्म-1 में स्कूल बंद रहें, टर्म-2 के लिए खुलें
स्कूल न खुलें तो टर्म-1 की परीक्षा ऑफलाइन या ऑनलाइन घरों से होगी। टर्म-2 की परीक्षा तक स्कूल खुलें तो परीक्षा पारंपरिक तरीके से होगी।
(अंतिम नतीजों में टर्म-1 के अंकों का वेटेज कम कर दिया जाएगा)

3. यदि टर्म-1 स्कूल में हों, टर्म-2 में स्कूल न खुल सकें
यदि टर्म-1 की परीक्षा तो स्कूल में हो लेकिन महामारी की परिस्थितियों के चलते मार्च-अप्रैल तक स्कूल लगातार ही बंद रहे तो टर्म-2 के पेपर नहीं होंगे।
(टर्म-1 और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट बनेगा)

4. यदि टर्म-1 और टर्म-2 दोनों में ही स्कूल बंद रहें
यदि पूरे सत्र के दौरान स्कूल एक भी दिन नहीं खुल पाए। ऐसी स्थिति में टर्म-1 और टर्म-2 दोनों ही परीक्षाएं छात्र घर से देंगे। (दोनों टर्म के अंकों के साथ आंतरिक मूल्यांकन के अंक जोड़कर रिजल्ट तैयार होगा)

इंटरनल असेसमेंट सुधारने के ये उपाय

  1. दोनों टर्म की परीक्षा के अलावा स्कूल कक्षा 9-10 में आंतरिक मूल्यांकन के लिए साल में कम से कम 3 पीरियॉडिक टेस्ट लेंगे।
  2. स्टूडेंट एनरिचमेंट, पोर्टफोलियो, प्रेक्टिकल व बोलने-सुनने की गतिविधि या प्रोजेक्ट शामिल करने के लिए कहा गया है।
  3. 11वीं व 12वीं के छात्रों के लिए भी स्कूलों को आंतरिक मूल्यांकन में हर यूनिट का टेस्ट, प्रैक्टिकल व प्रोजेक्ट वर्क शामिल करने होंगे।
  4. स्कूलों को CBSE के IT पोर्टल पर आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने होंगे।
ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखेंगे सभी स्कूल
बोर्ड ने कहा है कि जब तक स्थानीय प्रशासन स्कूल खोलने की इजाजत नहीं देता तब तक सभी स्कूलों को दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई जारी रखनी होगी। ऑनलाइन स्टडी के लिहाज से 10वीं और 12वीं के कोर्स को ज्यादा युक्तिसंगत बनाने की बात CBSE ने कही है। यानी बोर्ड की तैयारी है कि यदि जरूरत पड़े तो पूरा सत्र ऑनलाइन पढ़ाई हो सके

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