ईरान के हमलों पर ब्रिटेन-फ्रांस-जर्मनी सख्त, अमेरिका के साथ मिलकर जवाबी कार्रवाई की तैयारी

नयी दिल्ली- ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अमेरिका के साथ मिलकर जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। कीएर स्टार्मर, इमैनुएल मैक्रों और फ्रेडरिक मर्ज ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान के हमलों को “लापरवाह और खतरनाक” बताया। तीनों नेताओं ने कहा कि इन हमलों से क्षेत्र में तैनात उनके सैनिकों और नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपने राष्ट्रीय हितों और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए “जरूरी और संतुलित कदम” उठाने को तैयार हैं। बयान में संकेत दिया गया कि यदि हमले जारी रहे तो ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च क्षमताओं को उसी स्थान पर निशाना बनाकर रक्षात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मोर्चे के संकेत

यूरोपीय देशों ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे पर अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ समन्वय में काम करेंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत रणनीतिक मोर्चा बन सकता है। पश्चिमी देशों का कहना है कि क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने वाली किसी भी कार्रवाई का सख्त जवाब दिया जाएगा।

यूएई पर हमलों का असर

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 541 ड्रोन दागे। इनमें से 506 हमलों को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया, जबकि 35 प्रक्षेपास्त्र देश के भीतर गिरे, जिससे सीमित नुकसान हुआ।वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया, जबकि 8 मिसाइलों को समुद्र में गिरा दिया गया।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। यूरोपीय देशों का कहना है कि यदि ईरान ने अपने हमले नहीं रोके तो उसे “कड़ा और समन्वित जवाब” दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here