
इस लकी ड्रॉ में मुख्य पुरस्कार के रूप में मारुति सुजुकी स्विफ्ट (चार पहिया वाहन) सहित अनेक आकर्षक और बड़े इनाम रखे गए थे। पारदर्शिता बनाए रखते हुए एक बालक के हाथों सभी कूपन निकाले गए और विजेताओं के नामों की घोषणा कर पुरस्कार प्रदान किए गए।
- प्रथम पुरस्कार मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार कूपन क्रमांक 4801 के विजेता देविदास माधवराव देवले को मिला।
- द्वितीय पुरस्कार बुलेट मोटरसाइकिल कूपन क्रमांक 4875 के विजेता ओम देऊळकर को प्राप्त हुआ।
- तृतीय पुरस्कार एक्टिवा स्कूटर कूपन क्रमांक 642 के विजेता विजय दिगंबर बुरसे को मिला।
- चतुर्थ पुरस्कार के रूप में महिलाओं के लिए विशेष रूप से रखी गई सुजुकी एक्सेस टू-व्हीलर कूपन क्रमांक 6842 की धारक सभा फिरदोस को प्रदान की गई।
- पांचवा पुरस्कार लैपटॉप कूपन क्रमांक 2439 की विजेता शमीम बानो को मिला
- छठा पुरस्कार लैपटॉप कूपन क्रमांक 8944 के धारक गुलशन रायबोले को प्राप्त हुआ।
- सातवा पुरस्कार एलईडी टीवी कूपन क्रमांक 782 के विजेता किरण वाडेकर को प्राप्त हुआ
- आठवा पुरस्कार एलईडी कलर टीवी कूपन क्रमांक 3449 के विजेता कृष्णा शर्मा को मिला।
- नौवा पुरस्कार फ्रिज कूपन क्रमांक 2251 की विजेता अधिरा गावंडे को,
- दसवा पुरस्कार फ्रिज कूपन क्रमांक 285 के धारक शेख हैदर को प्रदान किया गया।
- ग्यारहवा पुरस्कार वॉशिंग मशीन कूपन क्रमांक 8155 के धारक प्रतीक बैस को मिला, वहीं
- बारहवा पुरस्कार वॉशिंग मशीन कूपन क्रमांक 10715 के विजेता शरद के. धुरंदर को प्राप्त हुआ।
सभागृह में उत्साह और खुशी का माहौल
इस इनामी योजना में पांचवें पुरस्कार से आगे पुरस्कारों की संख्या दोगुनी रखी गई थी, जिससे प्रत्येक श्रेणी में दो-दो भाग्यशाली विजेताओं को लाभ मिला। परिणाम घोषित होते ही सभागृह में उत्साह और खुशी का माहौल छा गया। विजेता ग्राहकों ने दास मोबाइल के संचालक रितेश मिर्झापुरे की अभिनव ग्राहक-सेवा पहल की जमकर सराहना की और इसे विदर्भ क्षेत्र में भरोसेमंद सेवा का उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में एडवोकेट श्याम पटेल, डॉ. दीपक मोरे, डॉ. रंजीत कोरडे, डॉ. शंकरराव वाकोळे, प्रवेश राठी, एडवोकेट देवानंद गवई, एडवोकेट रवी शर्मा, प्रदीप खाडे, प्रमोद पाटील और सतीश देशमुख उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु गणेश बेबळ, राहुल पाडोळे, सचिन बेंदरकर, आसिफ शेख, चंदन वानखडे, कुणाल गायकवाड, प्रतीक भाकरे, शुभम जंगले, हेमंत देशमुख, अब्दुल राजिक, शुभम मेश्राम, सागर म्हैसरे, अजय दामोदर और प्रथमेश इंगळे ने विशेष परिश्रम लिए।






