बागेश्वर धाम में होगा 300 कन्याओं का विवाह:पं. धीरेंद्र शास्त्री ने वर-वधु को भेंट की वैवाहिक सामग्री; बोले- बहू को बेटी की तरह रखें

इंदौर- खजुराहो के बागेश्वर धाम में सातवें कन्या विवाह महामहोत्सव की शुक्रवार से शुरुआत हो गई। उत्सव के पहले दिन विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसके साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाली भागवत कथा का भी शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण 12 फरवरी को होने वाला सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ महायज्ञ होगा, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों भक्त जुटेंगे।

खजुराहो के बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर सातवां ‘कन्या विवाह महोत्सव’ आयोजित होने जा रहा है। इस बार यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा, जिसमें नेपाल की एक बेटी सहित कुल 300 निर्धन और अनाथ बेटियों का विवाह संपन्न कराया जाएगा। रविवार को धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधू को विवाह की सामग्री भेंट की और दोनों पक्षों को स्नेह के साथ रहने की समझाइश दी।

उपहार में मिली वैवाहिक सामग्री

महाराज श्री ने सभी जोड़ों को लहंगा-चुनरी, शेरवानी, टोपी और वरमाला सहित घर-गृहस्थी का सामान सौंपा। इस बार धाम की ओर से एक विशेष पहल की गई है। प्रत्येक जोड़े के नाम पर 30,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई जाएगी, जिसे 5 साल से पहले नहीं निकाला जा सकेगा। यह राशि बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए दी जा रही है

सामग्री वितरण के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर पक्ष के अभिभावकों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा, “घर आने वाली बहू को अपनी बेटी की तरह रखें। समाज में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए जिससे धाम की मर्यादा पर आंच आए।” उन्होंने बताया कि 500 से अधिक आवेदनों में से सर्वे टीम ने उन बेटियों को चुना है जो अत्यंत गरीब हैं या जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है

मेहमानों और व्यवस्थाओं की खास तैयारी

आयोजन को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन और धाम के सेवादारों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।

वाहनों के लिए पास: वर और वधू पक्ष को अलग-अलग वाहन पास जारी किए गए हैं ताकि यातायात में परेशानी न हो।

भोजन व्यवस्था: दोनों पक्षों के 25-25 सदस्यों के लिए भोजन कूपन दिए गए हैं। साथ ही वर-वधू और मंडप में मौजूद लोगों के लिए अलग से विशेष भोजन की व्यवस्था की गई है।

विशिष्ट अतिथि: इस भव्य महोत्सव में देशभर के बड़े संत, महात्मा और राजनैतिक जगत की हस्तियां शामिल होंगी।

14 फरवरी तक पहुंचेंगी बेटियां

दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली बेटियों को 14 फरवरी तक धाम पहुंचने का निर्देश दिया गया है। महाराज ने इस आयोजन को सफल बनाने में जुटी सर्वे टीम और सेवादारों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि धाम की वर्तमान क्षमता के अनुसार श्रेष्ठ व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

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