अकोला- बिजली बिल वसूली के साथ-साथ बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) ने अकोट विभाग में विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कुल 37 बिजली चोरों पर कार्रवाई करते हुए करीब 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।कार्यकारी अभियंता संजय कुटे ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा जुर्माना नहीं भरा जाएगा, उनके खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा। यह अभियान मुख्य अभियंता राजेश नाईक के निर्देशानुसार, अधीक्षक अभियंता प्रतिक्षा शंभरकर के मार्गदर्शन और कार्यकारी अभियंता संजय कुटे के नेतृत्व में चलाया गया।
विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई
सावरा, चोहोटा, पणज और अकोट शहर में की गई संयुक्त कार्रवाई में करीब 10 लाख रुपये की बिजली चोरी का खुलासा हुआ। विभाग के प्रत्येक कर्मचारी को बिजली चोरी पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है और रोजाना की गई कार्रवाई का विभागीय कार्यालय स्तर पर आकलन किया जा रहा है।
दूसरी बार पकड़े जाने पर फौजदारी मामला
बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कार्रवाई की जाती है। पहली बार पकड़े जाने पर आर्थिक दंड लगाया जाता है, जबकि दूसरी बार मामला दर्ज कर फौजदारी कार्रवाई की जाती है। इस कानून के तहत तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी रोकने का यह अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। विभाग ने नागरिकों से समय पर बिल भुगतान करने और बिजली चोरी से बचने की अपील की है, ताकि सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।




