
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि 26 जनवरी को डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्म शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने पूरी प्रक्रिया के लिए एक ‘एंड-टू-एंड’ डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया है। यदि यह सिस्टम अच्छे से लागू होता है, तो विभागों पर रोजाना का प्रशासनिक दबाव आधा कम हो जाएगा।
467 सेवाओं पर प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की सफलता का असली टेस्ट नागरिकों से सीधा फीडबैक मिलना है। विभागों को 30 नवंबर तक ‘आपले सरकार’ और ‘मैत्री’ से जोड़ना है।जांच की गई 1,222 सेवाओं में से 723 सेवाओं को युक्तिसंगत बनाया गया है। उच्चस्तरीय कमेटी की मंजूरी से 46 उप-विभागों में 467 सेवाओं पर आगे की प्रक्रिया चल रही है।
ठेकेदारों के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्त पेंशन के लाभार्थियों की पहचान के लिए एक नई प्रक्रिया प्रस्तावित है। 8.90 लाख संभावित लाभार्थियों की पहचान की गई है।नौ विभागों के 1,700 से ज्यादा हॉस्टल के लिए एक यूनिफाइड ‘महाहॉस्टल’ प्लेटफॉर्म और सभी सरकारी ठेकेदारों के लिए ‘एक कॉन्ट्रैक्टर-एक आइडेंटिफिकेशन नंबर’ वाला एक यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन पोर्टल बनाया जाएगा।
सर्विस सेंटरों की अलग-अलग कैटेगरी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य में 32,479 एक्टिव सर्विस सेंटर में से 17,517 सेंटर ने सर्टिफिकेशन क्राइटेरिया पूरा करने की रिपोर्ट दी है और 12,824 सेंटर का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। सेंटरों की अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है। ‘स्मार्ट’ सेंटर को 26 जनवरी को सम्मानित करने का प्लान है।



