मुंबई- महाराष्ट्र में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। अब ‘Unmapped’ यानी पुराने मतदाता रिकॉर्ड से नाम का मिलान नहीं होने या ‘Logical Discrepancy’ यानी दी गई जानकारी में विसंगति पाए जाने के कारण नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अनिवार्य रूप से निर्वाचन कार्यालय या सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज उनके घर पर ही जाकर एकत्र किए जाएंगे।
BLO करेंगे डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र के कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐसे मामलों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाता के घर जाकर जरूरी दस्तावेज प्राप्त करेंगे। इसके बाद दस्तावेजों को ECINET पोर्टल पर अपलोड कर संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) के निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
विशेष मामलों में होगी ERO ऑफिस में सुनवाई
निर्देशों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में नोटिस प्राप्त मतदाताओं को ERO या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, यदि किसी मामले में ERO को प्रत्यक्ष सुनवाई जरूरी लगती है, तो अपवादस्वरूप ऐसी सुनवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर मतदाता की ओर से सुनवाई में परिवार के किसी वयस्क सदस्य को भी उपस्थित होने की अनुमति दी जा सकती है।
सहायता कक्ष और विशेष शिविर का आयोजन
चुनाव अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जरूरतमंद नागरिकों, मजदूरों, गरीब और बेघर लोगों की सहायता के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) स्तर पर पर्याप्त संख्या में सहायता कक्ष या विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इससे दस्तावेज जुटाने और SIR प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई का सामना कर रहे नागरिकों को स्थानीय स्तर पर मदद मिल सकेगी।
दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है। वहीं नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया की समयसीमा 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद नोटिस प्रक्रिया में यह बदलाव किया गया है। अधिकारियों को संशोधित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपने BLO से संपर्क बनाए रखें और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराएं।




