53 छापे, 1.85 करोड़ का मिलावटी व प्रतिबंधित माल जब्त, 49 गिरफ्तार
मुंबई- महाराष्ट्र में खाद्य मिलावट, प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री और अस्वच्छ खाद्य कारोबार के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अब तक का सबसे व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। 16 से 20 जुलाई तक चले राज्यव्यापी विशेष अभियान में एफडीए की टीमों ने 53 स्थानों पर छापेमारी कर करीब 1.85 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित और संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किया। अभियान के दौरान 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 23 प्रतिष्ठानों को सील किया गया तथा तीन वाहनों को भी जब्त किया गया।
एफडीए की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में खाद्य मिलावट और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि आगे भी इसी तरह के सघन अभियान लगातार जारी रहेंगे।
गुटखा-पान मसाला माफियाओं पर सबसे बड़ी चोट
विशेष अभियान में सबसे बड़ी कार्रवाई प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला कारोबार के खिलाफ की गई। एफडीए ने 37 प्रकरण दर्ज किए और 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 1.80 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा एवं पान मसाला जब्त किया गया। इसके साथ ही 23 गोदाम और प्रतिष्ठान सील किए गए तथा सप्लाई में इस्तेमाल हो रहे तीन वाहनों को भी जब्त किया गया।
मिलावटी दूध और डेयरी उत्पादों पर शिकंजा
दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ भी एफडीए ने कड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान 1,731 लीटर दूध तथा 896 किलोग्राम दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए।मुंबई के गोवंडी स्थित सूफी डेयरी में खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 1,683 लीटर दूध मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा लातूर में संदिग्ध खोया, धाराशिव में स्कूली पोषण आहार में उपयोग होने वाली सोयाबीन वड़ी तथा सिन्नर के दो दूध कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
2,796 किलो अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त
एफडीए ने केवल गुटखा और दूध तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। जांच के दौरान करीब 2,796 किलोग्राम अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 5.56 लाख रुपये बताई गई है। इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जांच जारी है।
होटल-रेस्तरां और ढाबों पर भी चला डंडा
खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की जांच के लिए एफडीए ने राज्यभर के 103 होटल, रेस्तरां और ढाबों का निरीक्षण किया। जांच में कई जगह गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
- 34 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।
- 16 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
पुणे, नागपुर, अमरावती, नासिक सहित कई शहरों में स्वच्छता मानकों और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया।
अब एआई से होगी शिकायत, घर बैठे दर्ज करें मिलावट की सूचना
एफडीए ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘फूड एंड ड्रग ग्रीवेंस पोर्टल’ भी शुरू किया है। यह एआई आधारित शिकायत पोर्टल है, जहां कोई भी नागरिक खाद्य मिलावट, घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ, नकली दवाओं या अन्य खाद्य सुरक्षा संबंधी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकता है।इस पोर्टल की खास बात यह है कि शिकायत मराठी, हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में दर्ज की जा सकती है। इतना ही नहीं, वॉयस के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम नागरिक बिना किसी तकनीकी परेशानी के सीधे एफडीए तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगे।
मिलावटखोरों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान
एफडीए अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अभियान केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में राज्यभर में लगातार औचक निरीक्षण, नमूना जांच और छापेमारी की जाएगी। विभाग ने खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा कानूनों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, वहीं नागरिकों से भी मिलावट या नकली खाद्य पदार्थों की जानकारी तुरंत पोर्टल के माध्यम से देने का आग्रह किया है।राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है—जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब सख्त और लगातार कार्रवाई होगी।




