अकोला (दैनिक दिव्य हिन्दी ) : जिले में खनन और स्टोन क्रशर व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों से कथित रूप से अवैध वसूली की मांग का बड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण में अपर जिलाधिकारी प्रमोद गायकवाड पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
अकोला जिला खनन एवं क्रशर उद्यमी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक बिजवे द्वारा एमआईडीसी पुलिस थाने में दी गई लिखित शिकायत के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
हर सदस्य से 15 हजार रुपये की मांग का आरोप
शिकायत के अनुसार, संघ के प्रत्येक सदस्य से 15-15 हजार रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि कुछ सदस्यों ने डर के कारण यह रकम दे भी दी, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
फोन कॉल, मुलाकात और दबाव की बात सामने आई
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मार्च महीने के दौरान बार-बार फोन कॉल और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए पैसे मांगे गए। इतना ही नहीं, रकम न देने पर कार्रवाई की धमकी भी दी गई।
तक्रार में यह भी दावा किया गया है कि कुछ सदस्यों से पैसे वसूले गए और बाकी पर भी दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ताओं ने कॉल रिकॉर्डिंग जैसे सबूत होने का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उद्यमियों ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या बोले शिकायतकर्ता?
विवेक बिजवे ने कहा,
“हमारे संघ के सदस्यों से 15 हजार रुपये देने का दबाव बनाया गया। कुछ लोगों ने डर के चलते पैसे दिए। हमने एमआईडीसी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।”
आगे क्या?
पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद अब जांच शुरू हो गई है। इस मामले की सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस प्रकरण पर टिकी हुई है और प्रशासन की अगली कार्रवाई अहम मानी जा रही है




