
इस योजना के तहत घोड़ बांध के जलाशय से पानी 4 चरणों में उठाकर 32 गांवों तक पहुंचाया जाएगा. इससे सूखा प्रभावित इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी. करीब 9,600 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी और गांवों में पेयजल की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी.योजना में तालाब, सीमेंट नाला बांध और अन्य जलसंचयन संरचनाओं का निर्माण भी शामिल है, जिससे पानी का बेहतर उपयोग हो सकेगा.
नदियों को बचाने के लिए नया प्राधिकरण
राज्य में बढ़ते नदी प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने महाराष्ट्र राज्य नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण बनाने का फैसला किया है. यह प्राधिकरण राज्य की 54 प्रदूषित नदी पट्टियों को साफ करने और पुनर्जीवित करने का काम करेगा.इसमें नर्मदा, तापी, गोदावरी और कृष्णा जैसी बड़ी नदियां भी शामिल हैं. प्राधिकरण सांडपानी प्रबंधन, औद्योगिक कचरे पर नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने और जनजागरण जैसे काम करेगा.
इस योजना के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि राज्य सरकार 100 करोड़ रुपये का योगदान देगी. बाकी राशि अन्य स्रोतों से जुटाई जाएगी.
अमरावती में बनेगा नया खेल परिसर
अमरावती नगर निगम को खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 16,708 वर्गमीटर जमीन दी गई है. यह जमीन मौजे नवसारी क्षेत्र में स्थित है. इसके साथ ही पहले से लगाए गए व्यावसायिक शुल्क को भी माफ कर दिया गया है. इस फैसले से शहर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.सरकार ने अनुसूचित जाति आरक्षण के उप-वर्गीकरण को लेकर नई समिति बनाने का फैसला किया है. यह समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करेगी और एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी. यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार उठाया गया है. इससे आरक्षण व्यवस्था को और पारदर्शी और संतुलित बनाने की कोशिश की जा रही है.
भूमि अभिलेख विभाग में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने भूमि अभिलेख विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए ‘भूकरमापक’ पद को खत्म कर ‘परिरक्षण भूमापक’ नाम से नया पद बनाया है.इसमें भर्ती का नया नियम तय किया गया है, 40 प्रतिशत पद पदोन्नति से, 40 प्रतिशत विभागीय परीक्षा से और 20 प्रतिशत सीधे भर्ती से भरे जाएंगे. कुल 10,683 पदों को मंजूरी दी गई है. सरकार का कहना है कि इससे कामकाज में एकरूपता आएगी और व्यवस्था ज्यादा मजबूत होगी.
दिव्यांग छात्रों के लिए सरकार ने छात्रवृत्ति में बड़ी बढ़ोतरी की है. अब छोटे बच्चों को 500 रुपये प्रति माह, जबकि 9वीं-10वीं के छात्रों को 600 से 800 रुपये तक मिलेंगे. 11वीं-12वीं के छात्रों के लिए यह राशि 800 से 1000 रुपये तक होगी.इसके अलावा 11वीं-12वीं की फीस माफ कर दी गई है. दृष्टिहीन छात्रों को वाचक भत्ता और अध्ययन भ्रमण के लिए भी सहायता दी जाएगी. इस योजना के लिए 23 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी गई है, जिससे हजारों छात्रों को फायदा मिलेगा.
सरकार के इन फैसलों से जहां एक ओर किसानों और गांवों को पानी की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिलेगा. साथ ही प्रशासनिक सुधार और खेल सुविधाओं का विस्तार भी राज्य के विकास को नई दिशा देगा.



