
मुंबई – महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को दी जाने वाली अंक सूची और प्रमाणपत्र को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब छात्रों को अलग-अलग मार्कशीट और प्रमाणपत्र देने की बजाय एक ही संयुक्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा। साथ ही इसमें विद्यार्थियों का पूरा नाम एक ही क्रम में (विद्यार्थी का नाम, पिता का नाम, उपनाम) लिखा जाएगा।
इस संबंध में राज्य मंडल ने सभी विभागीय मंडलों को परिपत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। राज्य मंडल की कार्यकारी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार फरवरी-मार्च 2026 की परीक्षा से यह नई व्यवस्था लागू की जाएगी। संयुक्त प्रमाणपत्र में छात्र का नाम, पिता का नाम और उपनाम क्रमवार एक साथ छापा जाएगा। इससे पहले प्रमाणपत्रों में नाम का क्रम अलग होने से कई बार तकनीकी समस्याएं सामने आती थीं।अब इस बदलाव से ऐसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
(नाम, पिता का नाम, उपनाम) का होगा क्रम
फरवरी-मार्च 2026 के प्रवेश पत्रों पर यदि किसी छात्र का फोटो अस्पष्ट है तो उस पर सही फोटो चिपकाकर संबंधित मुख्याध्यापक/प्राचार्य से प्रमाणित करवाना होगा। जिन छात्रों के फोटो में सुधार किया गया है, उनकी जानकारी संयुक्त प्रमाणपत्र में सही ढंग से दर्ज करने के लिए उसे दोबारा अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए बोर्ड की वेबसाइट पर फोटो सुधार (फोटो करेक्शन) लिंक भी सक्रिय कर दिया गया है।
सभी स्कूलों और जूनियर कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों के नाम के नए क्रम की जानकारी दें। यदि किसी छात्र के नाम में कोई त्रुटि है तो उसे तुरंत विभागीय मंडल के माध्यम से ठीक कराया जाए। इस संबंध में सभी माध्यमिक विद्यालयों, जूनियर कॉलेजों के मुख्याध्यापक-प्राचार्य, विद्यार्थियों और संबंधित पक्षों को लिखित सूचना देने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।स्कूलों के रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों में पहले से ही विद्यार्थियों का नाम (नाम, पिता का नाम, उपनाम) के क्रम में दर्ज होता है, जबकि बोर्ड के प्रमाणपत्र में यह क्रम अलग होता था। इस विसंगति को दूर करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। अब इस बदलाव से न केवल तकनीकी समस्याएं कम होंगी बल्कि छात्रों को भी सुविधा मिलेगी।



