अकोला में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया कार्यालयीन सहायक

अकोला-लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग, अकोला घटक (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महात्मा फुले मागासवर्ग विकास महामंडळ के एक कार्यालयीन सहायक को 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस स्टेशन खदान, अकोला में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।आरोपी लोकसेवक का नाम छगनलाल लच्यु सुरजे (56 वर्ष) है, जो महात्मा फुले मागासवर्ग विकास महामंडळ, मर्या., जिला कार्यालय अकोला में कार्यालयीन सहायक (वर्ग-3) के पद पर कार्यरत है। उनका कार्यालय डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भवन, निमवाड़ी, अकोला में स्थित है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता ने 23 फरवरी 2026 को एंटी करप्शन ब्यूरो, अकोला में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी के नाम से “विशेष घटक बीजभांडवल योजना” के अंतर्गत शेळी पालन (बकरी पालन) के लिए 2,50,000 रुपये का कर्ज मंजूर कराने हेतु आवेदन किया गया था।आरोपी सुरजे ने फाइल में त्रुटि बताकर उसे ठीक कराने को कहा और कर्ज मंजूरी में मदद करने के बदले 500 रुपये की रिश्वत की मांग की। आरोपी ने स्पष्ट कहा कि “500 रुपये दिए बिना काम नहीं होगा।” शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया।

जांच और सापळा (ट्रैप) कार्रवाई

 

 

23 फरवरी 2026 को एसीबी ने शिकायत की प्राथमिक जांच (डिमांड वेरिफिकेशन) की, जिसमें आरोपी ने पंचों के सामने 500 रुपये की मांग दोहराई।इसके बाद 2 मार्च 2026 को दोपहर 12:40 से 1:27 बजे के बीच सापळा कार्रवाई की गई। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 500 रुपये की रिश्वत पंचों के समक्ष स्वीकार की, जिसके बाद उसे रंगेहाथ पकड़ लिया गया।

अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई एसीबी अमरावती परिक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अकोला इकाई के अधिकारियों द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।एंटी करप्शन ब्यूरो, अकोला ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी या उनके माध्यम से कोई व्यक्ति किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत एसीबी कार्यालय से संपर्क करें।

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