1 अप्रैल से कैश में टोल नहीं दे पाएंगे,फास्टैग या UPI से ही होगा पेमेंट

नई दिल्ली- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देश के टोल प्लाजा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है। 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन को पूरी तरह बंद किया जा सकता है।इसके बाद टोल का भुगतान केवल फास्टैग (FASTag) या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही हो सकेगा। NHAI का उद्देश्य टोल ऑपरेशन को ज्यादा पारदर्शी और सही बनाना है। अभी देश के 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम लागू है।

सिस्टम ऐसे काम करता है

  1. वाहन टोल प्लाजा लेन से गुजरता है, टोल प्लाजा पर लगा कलेक्शन सिस्टम व्हीकल पर लगे फास्टैग को स्कैन करता है।
  2. जिस बैंक से आपने फास्टैग लिया है उसे इसकी डिटेल्स भेजता है।
  3. बैंक नेशनल इलेक्ट्रिक टोल कलेक्शन (NETC) को टैग पर दी गई जानकारियों को मान्य करने के लिए एक रिक्वेस्ट भेजता है।
  4. NETC टैग आईडी के वैरिफिकेशन के बाद आपकी गाड़ी के साइज (क्लास) के हिसाब से टोल पेमेंट के लिए आपके बैंक का रिक्वेस्ट भेजता है।
  5. इसके बाद बैंक मैसेज के जरिए आपको बैंक अकाउंट से टोल पेमेंट के लिए डेबिट राशि की जानकारी देगा
  6. ।इसी दौरान बैंक नेशनल इलेक्ट्रिक टोल कलेक्शन (NETC) को भी टोल पेमेंट की जानकारी देगा।
  7. NETC टोल प्लाजा सिस्टम को इसकी जानकारी देगा और आपकी गाड़ी वहां से निकल जाएगी।.

पढ़ने में ये प्रोसेस लंबी लगती है लेकिन आमतौर पर इस पूरी प्रक्रिया को होने में 1 से 5 सेकेंड का ही समय लगता है।

टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने के लिए लिया गया फैसला

NHAI के अनुसार टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट की वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। खास तौर पर पीक ऑवर्स (भीड़ वाले समय) में नकद लेनदेन के कारण गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती हैं और छुट्टे पैसों को लेकर विवाद भी होते हैं। डिजिटल पेमेंट पूरी तरह अनिवार्य होने से ये समस्या नहीं रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here