
इससे पिछले 15 वर्षों से लंबित पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। पात्र शिक्षकों को वरिष्ठ श्रेणी मिलने के पांच वर्ष बाद सीधे चयन श्रेणी का लाभ दिया जाएगा तथा संशोधित तिथि से वेतन अंतर (एरियर) का भुगतान भी किया जाएगा। यह लाभ 27 फरवरी 2003 से पूर्व नियुक्त अस्थायी संविदा शिक्षक, जो बाद में नियमित हुए,उन्हें भी मिलेगा। साथ ही पीबी-4 के लिए पीएचडी की अनिवार्यता समाप्त करने, उच्च शिक्षा पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय देने और पूर्वलक्षी लाभ प्रदान करने जैसे प्रावधान भी किए गए हैं। पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए समय सीमा तय की गई है।
10 सितंबर 2019 तक के प्रस्ताव 5वें वेतन आयोग, 11 सितंबर 2019 से 31 दिसंबर 2024 तक के प्रस्ताव 6 वें वेतन आयोग तथा 1 जनवरी 2025 से आगे के प्रस्ताव 7वें वेतन आयोग के अनुसार निपटाए जाएंगे। सरकार ने कहा है कि इस निर्णय से हजारों अध्यापकों को राहत मिलेगी। संबंधित शासनादेश राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
| प्रस्ताव की समय-सीमा | लागू होने वाला वेतन आयोग |
| 10 सितंबर 2019 तक | 5वां वेतन आयोग |
| 11 सितंबर 2019 – 31 दिसंबर 2024 | 6वां वेतन आयोग |
| 1 जनवरी 2025 से आगे | 7वां वेतन आयोग |



