केंद्रीय बजट से महाराष्ट्र को मिलेंगे करीब एक लाख करोड़ रुपये

मुंबई मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट से महाराष्ट्र को करीब एक लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय करों में महाराष्ट्र का हिस्सा करीब 98,306 करोड़ रुपये होगा। वहीं, बजट के प्रारंभिक आकलन के अनुसार विभिन्न परियोजनाओं के लिए 12,355 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस तरह कुल मिलाकर राज्य को लगभग एक लाख करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष महाराष्ट्र का बजट वे स्वयं पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बजट से जुड़ा अधिकांश कार्य पूरा कर लिया था, जिस पर अब आगे फोकस किया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि यह बजट भारत के विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतिबिंब है।

बजट में मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड बुलेट कॉरिडोर के लिए 6,103 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय बजट पर मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि बजट में योजनाबद्ध शहरीकरण, उद्योग और उद्यमिता को प्रोत्साहन, निवेश बढ़ाने तथा रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 12 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का निर्णय लिया है, जबकि पहले यह राशि करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक सीमित थी।

उन्होंने कहा कि 5 लाख की आबादी वाले शहरों को ध्यान में रखकर एकीकृत शहरी विकास योजना बनाई गई है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों को दिशा, गति और पर्याप्त निधि मिलेगी। इसका बड़ा लाभ महाराष्ट्र को होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बजट में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और सिंचाई क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता के बाद महिलाओं के लिए अलग मॉल और उद्योगों के अवसर उपलब्ध कराने की योजना भी उपयोगी सिद्ध होगी।

केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र के लिए प्रमुख प्रावधान

  • 6,103 करोड़ रुपये – मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर

  • 1,702 करोड़ रुपये – मुंबई मेट्रो

  • 680.79 करोड़ रुपये – समृद्धि महामार्ग पर आईटीएस

  • 646.24 करोड़ रुपये – कृषि एवं ग्रामीण परिवर्तन परियोजना

  • 517.74 करोड़ रुपये – पुणे मेट्रो

  • 462 करोड़ रुपये – एमयूटीपी-3

  • 385.78 करोड़ रुपये – महाराष्ट्र टर्शरी केयर एवं मेडिकल शिक्षा विकास कार्यक्रम

  • 378.38 करोड़ रुपये – महाराष्ट्र ग्रामीण सड़क परियोजना

  • 313.65 करोड़ रुपये – कौशल एवं एप्लाइड नॉलेज परियोजना

  • 283.77 करोड़ रुपये – इकोनॉमिक क्लस्टर (समावेशी विकास)

  • 240.90 करोड़ रुपये – जिलों में संस्थागत क्षमता विकास

  • 207.10 करोड़ रुपये – लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का सौर ऊर्जा करण

  • 167.28 करोड़ रुपये – महाराष्ट्र एग्री-बिजनेस परियोजना

  • 155.32 करोड़ रुपये – एमएमआर में ग्रीन मोबिलिटी

एमएमआर, पुणे और नागपुर को होगा विशेष लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा सेवाएं स्थापित करने का निर्णय भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि मुंबई–पुणे और पुणे–हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर से राज्य की जीडीपी में बड़ी बढ़ोतरी होगी। विशेष रूप से पुणे–हैदराबाद कॉरिडोर से मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, ग्रोथ हब के लिए अगले पांच वर्षों में 5-5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), पुणे और नागपुर को विशेष लाभ होगा।

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