1 फरवरी को पेश होगा बजट, जानिए सत्र का पूरा शेड्यूल, हलवा सेरेमनी से लेकर संसद की प्रक्रिया तक

नयी दिल्ली— देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला आम बजट 2026 1 फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट भाषण देंगी। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट होगा। बजट से पहले और बाद में संसद में कई औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं, जिनमें लंबी चर्चा भी शामिल है।

बजट सत्र का शेड्यूल

सरकार ने बजट सत्र को दो चरणों में बुलाया है—

पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी
(कुल 12 बैठकें)

दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल
(कुल 18 बैठकें)

हलवा सेरेमनी क्या है?

बजट सत्र से पहले हर साल होने वाली हलवा सेरेमनी इस बार 27 जनवरी को आयोजित हुई। वित्त मंत्रालय (नॉर्थ ब्लॉक) में बजट छपाई की शुरुआत से पहले अधिकारियों को हलवा खिलाया जाता है। इसे शुभ संकेत माना जाता है। इसके बाद बजट से जुड़े अधिकारी लॉक-इन पीरियड में चले जाते हैं, यानी बजट पेश होने तक वे बाहरी संपर्क से कटे रहते हैं।

सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य

बजट सत्र से एक दिन पहले सरकार सर्वदलीय बैठक करती है ताकि सत्र सुचारू रूप से चल सके। इस बार 27 जनवरी को हुई बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें 35 से अधिक राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हुए।

राष्ट्रपति का अभिभाषण और आर्थिक सर्वेक्षण

28 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। बजट से एक दिन पहले, 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया, जिसे वित्त मंत्री ने सदन में रखा।

बजट कब और कहां?

  • तारीख: 1 फरवरी 2026 (रविवार)

  • समय: सुबह 11 बजे

  • स्थान: लोकसभा

निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी।

बजट वाले दिन का प्रोटोकॉल

  • सुबह 9 बजे: बजट टीम के साथ फोटो सेशन

  • वित्त मंत्रालय में अंतिम बैठक

  • सुबह 10–10:30 बजे: राष्ट्रपति भवन जाकर अनुमति

  • संसद भवन आगमन

  • सुबह 11 बजे: बजट भाषण की शुरुआत

बजट के बाद की संसदीय प्रक्रिया

  • 2–4 फरवरी: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव

  • 3 फरवरी: लोकसभा में पीएम मोदी का जवाब

  • 4 फरवरी: राज्यसभा में पीएम का जवाब

  • 5–13 फरवरी: बजट पर सामान्य चर्चा

  • 14 फरवरी–8 मार्च: अवकाश

  • 9–25 मार्च: मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा

  • 26–31 मार्च: वोटिंग और वित्त/विनियोग विधेयक

  • 2 अप्रैल: बजट सत्र समाप्त

बजट 2026 से आम आदमी, मिडिल क्लास और कारोबारियों को कर राहत, महंगाई नियंत्रण, रोजगार और निवेश बढ़ाने जैसे अहम ऐलानों की उम्मीद है।

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