33 वर्षों की कर्तव्यनिष्ठ व समाजसेवी पुलिस सेवा का मिला राष्ट्रीय सम्मान
अकोला- (दैनिक दिव्य हिन्दी ) जिले के जात प्रमाणपत्र जांच विभाग के दक्षता पथक में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक गजानन शेलके को उनकी उल्लेखनीय, कर्तव्यनिष्ठ और समाजाभिमुख पुलिस सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह प्रतिष्ठित पदक शीघ्र ही मुंबई में माननीय राज्यपाल महोदय के हाथों प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान की घोषणा से न केवल अकोला जिला बल्कि पूरे पुलिस महकमे में गर्व और खुशी का माहौल है।
33 वर्षों की बेदाग सेवा, कई जिलों में प्रभावी कार्य
अपने 33 वर्षों के उज्ज्वल पुलिस सेवा काल में गजानन शेलके ने भंडारा, अमरावती, अकोला, यवतमाल और वाशिम जैसे जिलों में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए कानून व्यवस्था, जनसंपर्क और अनुशासन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई।
कर्तव्य निभाते समय उन्होंने हमेशा नवाचार, अनुशासन और जनता से संवाद को प्राथमिकता दी। “पुलिस मित्र” जैसी जनहितकारी पहल और “एक कॉल करें, मदद पाएं” जैसे अभियानों से आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हुआ।
कोरोना काल और विशेष अभियानों में अहम भूमिका
कोरोना महामारी के दौरान “नो मास्क, नो सवारी” अभियान चलाकर उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी तत्कालीन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी सराहना की थी।
इसके अलावा, बुलेट बाइक पर पटाखे फोड़ने वाले साइलेंसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें रोड रोलर से कुचलने का अभियान महाराष्ट्र में पहली बार चलाया गया, जिससे कानून का सख्त संदेश समाज तक पहुंचा।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पुलिस सेवा
पुलिस सेवा के साथ-साथ सामाजिक कार्य, जनजागरूकता अभियान और समाजहित में किए गए निरंतर प्रयासों के चलते ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा उन्हें यह माननीय राष्ट्रपति पुलिस पदक देने की घोषणा की गई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों की ओर से बधाइयों और शुभकामनाओं की बौछार हो रही है।




