मुंबई- ( दैनिक दिव्य हिन्दी ) सरकारी कर्मचारी 2026 में लागू होने वाले 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। क्योंकि सैलरी और एरियर का निर्धारण फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही किया जाता है।
फिटमेंट फैक्टर कितना हो सकता है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 3.25, 2.86 या 2.28 तक बताया जा रहा है।
हालांकि मौजूदा महंगाई दर और महंगाई भत्ते (DA) को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर 1.90 से 1.92 के बीच रहने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी?
दूसरे वेतन आयोग से लेकर 7th Central Pay Commission तक औसतन वेतन में लगभग 27% की वृद्धि हुई है।
सातवें वेतन आयोग में कुल वेतन वृद्धि 14.27% रही थी।
अब 8वें वेतन आयोग में वृद्धि का प्रतिशत फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा।
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जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता (DA) लगभग 60% तक पहुंच सकता है।
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यदि DA 60% रहता है, तो कर्मचारियों को लगभग 18% वेतन वृद्धि मिलने की संभावना है।
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अगर फिटमेंट फैक्टर ज्यादा तय किया जाता है, तो वेतन वृद्धि 24% तक भी हो सकती है, लेकिन इसकी संभावना कम मानी जा रही है।
फिटमेंट फैक्टर कैसे तय करता है नई सैलरी?
फिटमेंट फैक्टर मूल वेतन (Basic Salary) से गुणा किया जाता है, जिससे नई सैलरी तय होती है।
उदाहरण के तौर पर:
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹20,000 है और फिटमेंट फैक्टर 1.90 तय होता है, तो नई बेसिक सैलरी होगी: 20,000 × 1.90 = ₹38,000
यानी सैलरी में सीधी बढ़ोतरी होगी और एरियर भी उसी आधार पर दिया जाएगा।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ता (DA) सबसे अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल 1.90 फिटमेंट फैक्टर और लगभग 18% वेतन वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।




