अकोला- लोकतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की जागरूक भागीदारी का सशक्त माध्यम है। इसी लोकतांत्रिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 15 जनवरी गुरुवार को महानगरपालिका चुनाव के लिए मतदान किया जाएगा। इस दिन मतदाता सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
महानगरपालिका हमारे रोज़मर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी हुई संस्था है। शहर की सड़कें, जलापूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्ट्रीट लाइट, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी नगर प्रशासन पर होती है। ऐसे में नगरसेवकों का चयन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शहर के भविष्य का निर्णय होता है।
एक-एक मत के अंतर से तय होते परिणाम
अक्सर यह देखा गया है कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहता है। कई लोग यह मानकर मतदान से दूर रहते हैं कि एक वोट से क्या फर्क पड़ेगा। जबकि सच्चाई यह है कि हर एक वोट लोकतंत्र की ताकत होता है और कई बार चुनाव परिणाम एक-एक मत के अंतर से तय होते हैं।15 जनवरी को होने वाला यह चुनाव हमें यह तय करने का अवसर देता है कि हम अपने शहर को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं—विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर या फिर उदासीनता की ओर। एक जागरूक मतदाता वही होता है जो व्यक्ति, जाति या तात्कालिक लाभ से ऊपर उठकर शहर के समग्र हित को प्राथमिकता देता है।
इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक मतदाता समय निकालकर सुबह 7:30 से शाम 5:30 बजे के बीच मतदान केंद्र पहुँचे और निर्भीक होकर अपने मत का उपयोग करे। साथ ही परिवारजनों, पड़ोसियों और मित्रों को भी मतदान के लिए प्रेरित करे, ताकि शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य हासिल किया जा सके।




